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🔅 *श्री शिवतत्त्व* :

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 ब्रह्माण्ड के उत्पादक, पालक, संहारक, ब्रह्मा, विष्णु और शिव में किंचितन्मात्र भी भेद नहीं है। जैसे एक ही गगनस्थ सूर्य अनन्त घटोदकों और तड़ागोदको में प्रतिबिम्बित होता है, वैसे ही एक ही अखण्ड, अनन्त, निर्विकार चिदानन्द परमात्मतत्त्व अनन्त अन्तःकरणों और मायाभेदों में प्रतिबिम्ब होते हैं। अन्तःकरणगत प्रतिबिम्ब ही जीव कहलाते हैं। मायागत प्रतिबिम्ब ही ईश्वर कहलाते हैं। जैसे अन्तःकरण के स्वरूछत्वादि-तारतम्य से जीवों में काल्पनिक भेद होता है, वैसे ही माया की उत्पादकत्व, पालकत्व, संहारकत्व शक्ति के भेद से ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र में काल्पनिक भेद होता है। अनन्त ब्रहमाण्ड की कल्पना में अनन्त ब्रह्माण्ड की उत्पादिनी शक्तियाँ भी अनन्त हैं। उन एक-एक शक्तियों, अनन्त अन्तः- करण और उत्पादकत्व, पालकत्व, संहारकत्व शक्ति से युक्त माया है।

इस तरह एक-एक शक्ति से ब्रह्माण्ड और उसके अनतर्गत अनन्त जीव एवं उत्पादक, पालक, संहारक ब्रह्मा, विष्णु रुद्र व्यक्त होते हैं। परन्तु इन सभी प्रतिबिम्बों का मूलभूत जो बिम्ब है, वह तो सर्वथा एक ही है। वही विष्णु भक्तों को विष्णुरूप से, रामभक्तों को रामरूप से, शिवभक्तों को शिव-स्वरूप से दृष्टिगोचर होता है। जैसे एक ही गगनस्थ सूर्य नीले चश्में से नीला पीले से पीला दिखलायी देता है, वैसे ही विष्णु-भावना से भावित अन्तःकरण विष्णुभक्त उसी परम तत्त्व को विष्णु कहते हैं, शिवभावना से भावितमनस्क उसी परमतत्त्व को शिव कहते हैं और वही श्रीकृष्ण, श्रीराम आदि रूप में उपलब्ध होता है। वही गगनस्थसूर्यस्थानीय परम तत्त्व ‘शिवस्कन्दादि’ पुराण का शिव है वही ‘विष्णुपुराण’, ‘रामायण’, ‘भागवत’ आदि सद्ग्रन्थों में विष्णु, राम, कृष्ण रूप से गाया गया है।

भक्त की भावनानुसार ही उस परम तत्त्व की ही विशुद्धसत्त्वमयी दिव्य शक्ति के योग से मधुर मनोहर मूर्त्ति भी व्यक्त होती है। इस तरह मूलतः शिव एवं विष्णु एक ही है, फिर भी उनके अपर रूप में सत्त्व के योग से विष्णु को सात्त्विक और तम के योग से रुद्र को तामस कहा जाता है। वस्तुतः सत्त्वनियन्ता विष्णु और तमनियन्ता रुद्र है। तम ही मृत्यु है, काल है, अतः उसके नियन्ता महामृत्यंजय महाकालेश्वर भगवान रुद्र हैं। दूसरी दृष्टि से भी जैसे तमःप्रधान, सुषुप्ति से ही जाग्रत, स्वप्न की सृष्टि होती है, वैसे ही तमःप्रधान प्रलयावस्था से ही सर्व प्रपंच की सृष्टि होती है।

{ *शेष आगे के ब्लॉग में* }

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